मेरे हौसले..

               टूटे टूटे ख्वाब मेरे. रुके रुके जिंदगी के फेसले.
​कही ना में थंम जाऊ. केहते हे ये मेरे रास्ते.
​सूखे सुखे पल मेरे. इन में ही तो कल मेरे.
​कही ना में गिर जाऊ. केहते हे ये मेरे होसले.
​बिखरा बिखरा हु में. अपनी ही यादो में.
​कुछ तो करना चाहता हु. अपनी इन राहो में.
​जाना बहोत दूर हे. सफर तय किया हे.
​जिंदगी से मेने बहोत कुछ खोया हे.
​खोना नही अभ चाहता हु. दिल ये लुभाता हु.
​बड़े बड़े वादे में सच करना चाहता हु.
​अभ हमने भी माना हे. जूठा सारा जमाना हे.
​कोई किसीका यहाँ ना हे. सितम ये पुराना हे.
​दिल्लगी ना किसीसे लगाना हे. अभ खुद ही आगे बढ़ते चले जाना हे. दर्द ये सुहाना हे. में चल चला
​गिरा गिरा हु में. अपनी ही नज़रोमें.
​पाया पाया कुछ नही. चाहतो के सफर में.
​ना जाने ये मेरे केसे ख़्वाब हे. उड़ना चाहता हु.
​पर कमजोर मेरे पंख हे.
​हे ये मेरे दिल मे आस. हम भी कुछ कर दिखाएंगे खास. टूटे हुए ख़्वाबो में फिर भरेंगे मिठास.
​चले चले पाव मेरे मंजिलो की ओर
​चले चले सपने मेरे मंजिलो की ओर                        

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